दिल्ली में निर्माण कार्य: सुप्रीम कोर्ट

दिल्ली में निर्माण कार्य: सुप्रीम कोर्ट

दिल्ली में निर्माण कार्य: सुप्रीम कोर्ट

 

 

संदर्भ

        • हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने कंस्ट्रक्शन कार्यों पर प्रतिबंध के बावजूद दिल्ली में सेंट्रल विस्टा के चल रहे निर्माण को लेकर केंद्र की खिंचाई की।
        • प्रदूषण पर राज्य की बेहतर स्थिति नहीं होने को लेकर CJI की अगुवाई वाली पीठ ने अपने आदेशों को लागू करने के लिए एक स्वतंत्र टास्क फोर्स नियुक्त करने का भी संकेत दिया है.
      • सेंट्रल विस्टा परियोजना
        • सेंट्रल विस्टा परियोजना की सितंबर 2019 में घोषणा की गई थी।
        • 10 दिसंबर 2020 को परियोजना की आधारशिला रखी थी।
        • सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत एक नए संसद भवन और नए आवासीय परिसर का निर्माण किया जा रहा है।
        • इसमें प्रधानमंत्री और उप राष्ट्रपति के आवास के साथ कई नए कार्यालय भवन और मंत्रालय के कार्यालयों के लिए केंद्रीय सचिवालय का निर्माण किया जाना है।
        • इसके साथ ही इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक तीन किलोमीटर लंबे ‘राजपथ’ में भी परिवर्तन प्रस्तावित है।
        • सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को संग्रहालय में बदल दिया जाएगा और इनके स्थान पर नए भवनों का निर्माण किया जाएगा।
        • इसके अलावा इस क्षेत्र में स्थित ‘इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र’ को भी स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है।
        • इस क्षेत्र में विभिन्न मंत्रालयों व उनके विभागों के लिए कार्यालयों का निर्माण किया जाएगा।
      • केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
        • केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का गठन एक सांविधिक संगठन के रूप में जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के अंतर्गत सितंबर 1974 को किया गया।
        • इसके पश्चात् केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के अंतर्गत शक्तियाँ व कार्य सौंपे गए।
        • यह बोर्ड पर्यावरण (सुरक्षा) अधिनियम, 1986 के प्रावधानों के अंतर्गत पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को तकनीकी सेवाएँ भी उपलब्ध कराता है।
        • केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रमुख कार्यों को जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 तथा वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के तहत वर्णित किया गया है।

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