CBI जाँच के लिये राज्यों की सहमति

CBI जाँच के लिये राज्यों की सहमति

 

संदर्भ

      • आठ राज्यों – पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, केरल, पंजाब, राजस्थान, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मिजोरम – ने अपने क्षेत्र में जांच शुरू करने के लिए सीबीआई से सहमति वापस ले ली है, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि स्थिति “वांछनीय स्थिति नहीं है”।

सीबीआई

      • केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो, जिसकी स्थापना वर्ष 1941 में भारत सरकार द्वारा विशेष पुलिस स्थापना (एसपीई) के तहत की गई थी।
      • डीएसपीई ने गृह मंत्रालय के दिनांक 1 अप्रैल 1963 के संकल्प के जरिए केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो(सीबीआई) के नाम से ख्याति प्राप्त की।
      • CBI एक वैधानिक निकाय नहीं है। यह दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 से अपनी शक्तियाँ प्राप्त करता है।
      • केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो केंद्र सरकार की एक प्रमुख अन्वेषण एजेंसी है।
      • यह भारत में नोडल पुलिस एजेंसी भी है जो इंटरपोल सदस्य देशों की ओर से जाँच का समन्वय करती है।
      • यह केंद्रीय सतर्कता आयोग और लोकपाल को भी सहायता प्रदान करता है।

CBI द्वारा सहमति के प्रकार

      • सामान्य सहमति

        • जब कोई राज्य किसी मामले की जांच के लिये CBI को एक सामान्य सहमति (दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम की धारा 6) देता है, तो एजेंसी को जांच के संबंध में या उस राज्य में प्रवेश करने पर हर बार केस के लिये नई अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होती है।
        • भ्रष्टाचार या हिंसा के मामले में उस निर्बाध जांच को सुगम बनाने के लिये एक सामान्य सहमति दी जाती है।

        विशिष्ट सहमति

        • जब एक सामान्य सहमति वापस ले ली जाती है, तो CBI को संबंधित राज्य सरकार से जांच हेतु हर केस के लिये सहमति लेने की आवश्यकता होती है।
        • यदि विशिष्ट सहमति नहीं दी जाती है, तो CBI अधिकारियों के पास उस राज्य में प्रवेश करने पर पुलिस की शक्ति नहीं होगी।
        • यह CBI द्वारा निर्बाध जांच में बाधा डालती है।

सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (विनियमन) विधेयक, 2020

Important point

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