ग्लोबल गेटवे लॉन्च

 

संदर्भ

      • यूरोपीय आयोग और विदेश मामलों और सुरक्षा नीति के उच्च प्रतिनिधि ने ग्लोबल गेटवे लॉन्च किया।
      • नई यूरोपीय रणनीति दुनियाभर में डिजिटल, ऊर्जा और परिवहन में स्मार्ट, स्वच्छ और सुरक्षित लिंक, स्वास्थ्य, शिक्षा और अनुसंधान प्रणालियों को मजबूत करने के लिए तैयार की गई है ।

ग्लोबल गेटवे

      • ग्लोबल गेटवे यूरोपीय संघ के बहु-वार्षिक वित्तीय ढांचे 2021-2027 में नए वित्तीय साधनों पर आधारित है।
      • ग्लोबल गेटवे लोकतांत्रिक मूल्यों और उच्च मानकों, सुशासन और पारदर्शिता, समान भागीदारी, हरित और स्वच्छ, सुरक्षित बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने वाले निवेश को बढ़ाने के बारे में है और जो निजी क्षेत्र के निवेश को उत्प्रेरित करता है।
      • परियोजना के वित्तपोषण के लिये यूरोपीय संघ अपने यूरोपीय कोष का उपयोग सतत् विकास प्लस हेतु करेगा। इसके तहत 40 अरब यूरो उपलब्ध कराए जाते हैं और बाहरी सहायता कार्यक्रमों से 18 अरब यूरो तक के अनुदान की पेशकश की जाएगी। लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये योजना को अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों और निजी क्षेत्र से वित्तपोषण की आवश्यकता होगी। ऋण संकट के जोखिम को सीमित करने हेतु उचित और अनुकूल शर्तों के तहत वित्तपोषण किया जाएगा।

बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव परियोजना

      • ”वन बेल्ट, वन रोड” परियोजना की शुरुआत चीन ने वर्ष 2013 में की थी। यह परियोजना चीन की विदेश नीति का एक हिस्सा है। इस परियोजना में एशिया, अफ्रीका और यूरोप के कई देश बड़े देश शामिल हैं।
      • वर्ष 2016 से ‘वन बेल्ट, वन रोड’ परियोजना को बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव परियोजना (Belt and Road Initiative- BRI) के नाम से जाना जाता है।
      • इस परियोजना के माध्यम से चीन प्राचीन सिल्क मार्ग को पुनः विकसित कर रहा है।
      • इस महत्वपूर्ण परियोजना के जरिए चीन सड़कों, रेल, बंदरगाह, पाइपलाइनों और अन्य बुनियादी सुविधाओं के माध्यम से मध्य एशिया से लेकर यूरोप और फिर अफ्रीका तक स्थलीय व समुद्री मार्ग तैयार कर रहा है।
      • चीन की इस परियोजना का उद्देश्य दक्षिण पूर्व एशिया, मध्य एशिया, गल्फ कंट्रीज़, अफ्रीका और यूरोप के देशों को सड़क और समुद्री रास्ते से जोड़ना है।
      • चीन की यह परियोजना क़रीब दुनिया के 60 से अधिक देशों को सड़क, रेल और समुद्री रास्ते से जोड़ने का काम करेगी। चीन के मुताबिक़ उनकी इस परियोजना से दुनिया के अलग – अलग देश एक दूसरे के नज़दीक आएंगे जिससे आर्थिक सहयोग के साथ आपसी संपर्क को भी बढ़ाने में मदद मिलेगी।
      • चीन के मुताबिक़, इस परियोजना का मकसद आर्थिक है जिसके पूरा होने से विश्व का परिदृश्य बदल सकता है।

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