कृषि कानून निरसन विधेयक को मंजूरी

संदर्भ?

      • शीतकालीन सत्र के पहले दिन कृषि कानून निरसन विधेयक, 2021 को संसद के दोनों सदनों ने बिना बहस के पारित कर दिया गया।
  • कृषि कानून
      • किसान उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्द्धन और सुविधा) अधिनियम, 2020।
      • मूल्य आश्वासन और कृषि सेवाओं पर किसान (सशक्तीकरण और संरक्षण) समझौता अधिनियम, 2020।
      • आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम, 2020
  • विरोध का कारण
      • इन अधिनियमों के लागू होने के बाद किसानों द्वारा इनमें शामिल कई मुद्दों जैसे-न्यूनतम समर्थन मूल्य का उल्लेख न होना, कृषि उपज विपणन समिति (APMC) के प्रभाव को सीमित करने के साथ अधिनियम में प्रस्तावित विवाद निस्तारण प्रणाली को लेकर भी प्रश्न उठे हैं।
      • केंद्र सरकार के अनुसार, ‘मूल्य आश्वासन और कृषि सेवाओं पर किसान (सशक्तीकरण और संरक्षण) समझौता अधिनियम, 2020’ किसानों को विपणन में स्वतंत्रता प्रदान करने का प्रयास करता है।
      • इस उद्देश्य के लिये यह अधिनियम किसी प्रायोजक (किसान के साथ कृषि समझौते में शामिल कोई व्यक्ति, फर्म, कंपनी आदि) के साथ लेनदेन के दौरान किसानों के हितों की रक्षा करने का प्रावधान करता है।
      • किसानों की सुरक्षा के अन्य प्रावधानों के साथ यह भुगतान के लिये प्रायोजक के उत्तरदायित्व का निर्धारण करता है और प्रायोजक को लिखित समझौते के माध्यम से किसान की भूमि या परिसर के स्वामित्व को लेने या भूमि में कोई स्थायी बदलाव करने से रोकता है।
      • हालांकि किसानों के हितों की रक्षा के इन प्रावधानों की प्रभावशीलता इनको लागू करने के संस्थान की शक्ति तथा उसकी कार्यप्रणाली पर ही निर्भर करेगी और इस अधिनियम के तहत निर्धारित विवाद निस्तारण प्रणाली (सुलह एवं समझौते पर आधारित) अधिक प्रभावी नहीं प्रतीत होती है।

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